à¤à¤• जंगल में बंदरों का बड़ा à¤à¥à¤‚ड था ।
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उस जंगल में खाने पीने की कोई कमी नहीं थी इसलिठसारे बंदर बहà¥à¤¤ आराम और संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ होकर रहते थे।
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à¤à¤• दिन à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अपनी बेटी के साथ उसी जंगल में शोध करने के लिठआया। अपना तमà¥à¤¬à¥‚ लगाने के बाद वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पौधों के नमूने इकटà¥à¤ ा करने के लिठबाहर निकला ।
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लेकिन लड़की तमà¥à¤¬à¥‚ की सà¥à¤‚दरता को देखकर रà¥à¤• गयी। उसने पहले ज़मीन पर à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ कालीन रखा और उस पर à¤à¤• बिसà¥à¤¤à¤° बिछाया। तमà¥à¤¬à¥‚ के बीच लालटेन लटकाई और उसके नीचे à¤à¤• छोटी मेज़ और सफेद सेब से à¤à¤°à¤¾ कटोरा रख दिया।Â
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वह सेब देखने में बहà¥à¤¤ ताज़ा, खà¥à¤¬à¤¸à¥‚रत और बड़े लग रहे थे।Â
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सारे बनà¥à¤¦à¤° लालच से उस कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब को पेड़ों पर बैठे देख रहे थे।Â
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तमà¥à¤¬à¥‚ के सामने जगह साफ करने के लिठलड़की बाहर निकली,तब à¤à¤• बंदर ने तेज़ी से à¤à¤ªà¤Ÿà¤¾ मारा और à¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब उठा लिया ।तà¤à¥€ उसी समय लड़की की नज़र à¤à¥€ उस पर पड़ गयी, लड़की ने तà¥à¤°à¤‚त बंदूक उठाकर निशाना लगाया और गोली दाग दिया, लेकिन सà¤à¥€ बंदर इतनी देर में वहां से à¤à¤¾à¤— गà¤à¥¤
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काफी देर के बाद सारे बनà¥à¤¦à¤° रà¥à¤• गठजब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने देखा कि अब उनका कोई पीछा नहीं कर रहा है।Â
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चोर बंदर ने हाथ उठाकर सबको सेब दिखाया। सà¤à¥€ बंदर हैरत से और ललचाई नज़र से उस बंदर को देखने लगे कि उसे कितना अचà¥à¤›à¤¾ सेब मिला है ।सà¤à¥€ इस कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब को हाथ लगाने की कोशिश करने लगे।
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चोर बंदर ने सबको फटकार कर ये कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब लिया और à¤à¤• पेड़ की सबसे ऊंची शाख पर जाकर सेब खाने के लिठमà¥à¤‚ह में दबा दिया।
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 कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब बेहद कड़े पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• से बना था । बंदर के दांतों में चबाने से दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो गया। बंदर ने दो तीन बार और कोशिश की लेकिन हर बार दरà¥à¤¦ होने लगा।
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उस दिन चोर बंदर ने पेड़ की उसी शाखा पर à¤à¥‚खा रहकर गà¥à¥›à¤¾à¤°à¤¾ । अगले दिन वह पेड़ से नीचे आया ।
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सà¤à¥€ बंदरों ने उसे समà¥à¤®à¤¾à¤¨ से देखा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसके हाथ में वो कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब मौजूद था। दूसरे बंदरों से मिलने वाला समà¥à¤®à¤¾à¤¨ को देखकर चोर बंदर ने सेब पर पकड़ मज़बूत बना ली।Â
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अब दूसरे बंदर फलों की तलाश में निकले और à¤à¤• पेड़ से दूसरे पेड़ तक कूद कर फल तोड़ तोड़कर खाने लगे।
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चोर बंदर के à¤à¤• हाथ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब था,इसलिठवो पेड़ पर नहीं चढ़ सका। वो सेब को हाथ से नहीं छोड़ना चाहता था इसलिठवह दिन à¤à¤° à¤à¥‚खा पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾ रहा और यही सिलसिला आगे कà¥à¤› दिन तक चलता रहा।Â
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हालांकि दूसरे बंदर उसके हाथ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब देखकर उसका समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करते लेकिन उसे खाने के लिठकà¥à¤› à¤à¥€ नहीं देते।
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चोर बंदर à¤à¥‚ख से इतना निढाल हो गया था कि अब उसे अपना आखिरी वक़à¥à¤¤ नज़र आने लगा। उसने à¤à¤• बार फिर उस सेब को खाने की कोशिश की लेकिन इस बार नतीजा अलग नहीं था। उसके दांत इस बार à¤à¥€ दरà¥à¤¦ कर रहे थे ।
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 चोर बंदर को आà¤à¤–ों के सामने पेड़ों से लटका हà¥à¤† फल दिखाई दे रहा था। लेकिन इतनी हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं थी कि वह इन पेड़ों पर चढ़ सके। धीरे धीरे उसकी आà¤à¤–ें हमेशा के लिठबंद हो गई। जैसे ही उसकी जान निकली कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब पर पकड़ ढीली होने से वो उसके हाथ से बाहर लà¥à¥à¤• गया।
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शाम को बाकी बंदर, मरे बंदर के पास आà¤, कà¥à¤› आंसू बहाये और उसके शरीर को पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से ढक दिया। जब वो ये कर रहे थे तब à¤à¤• और बंदर को à¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सेब मिला और उसने अपना हाथ ऊà¤à¤šà¤¾ कर के सà¤à¥€ बंदरो को सेब दिखाना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया।
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दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की मिसाल इस पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• के सेब की तरह है, इससे कà¥à¤› नहीं मिलता। जबकी इसे देखने वाले पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होते रहते हैं और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को हाथ में रखने का दावेदार आख़िर में ख़ाली हाथ इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से चला जाता है। कोई और आकर उसकी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पर क़बà¥à¥›à¤¾ कर लेता है।
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"à¤à¥‚ठा दिखावा इंसान को पहले थका देता है और फिर मार डालता है।"
