वीरगति पाने से पहले à¤à¤—तसिंह जी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने साथियों को लिखा गया अनà¥à¤¤à¤¿à¤® पतà¥à¤° :-
Â
साथियो,
Â
सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है कि जीने की इचà¥à¤›à¤¾ मà¥à¤à¤®à¥‡à¤‚ à¤à¥€ होनी चाहिà¤, मैं इसे छिपाना नहीं चाहता। लेकिन à¤à¤• शरà¥à¤¤ पर जिंदा रह सकता हूà¤,कि मैं कैद होकर या पाबनà¥à¤¦ होकर जीना नहीं चाहता।
Â
मेरा नाम हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बन चà¥à¤•ा है और कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी दल के आदरà¥à¤¶à¥‹à¤‚ और कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने मà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ ऊà¤à¤šà¤¾ उठा दिया है- इतना ऊà¤à¤šà¤¾ कि जीवित रहने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इससे ऊà¤à¤šà¤¾ मैं हरà¥à¤—िज नहीं हो सकता।
Â
आज मेरी कमजोरियाठजनता के सामने नहीं हैं। अगर मैं फाà¤à¤¸à¥€ से बच गया तो वे जाहिर हो जाà¤à¤à¤—ी और कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिनà¥à¤¹ मदà¥à¤§à¤¿à¤® पड़ जाà¤à¤—ा या संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ मिट ही जाà¤à¥¤ लेकिन दिलेराना ढंग से हà¤à¤¸à¤¤à¥‡-हà¤à¤¸à¤¤à¥‡ मेरे फाà¤à¤¸à¥€ चढ़ने की सूरत में हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ माताà¤à¤ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¤—तसिंह बनने की आरजू किया करेंगी और देश की आजादी के लिठकà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ देने वालों की तादाद इतनी बढ़ जाà¤à¤—ी कि कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति को रोकना सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ या तमाम शैतानी शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बूते की बात नहीं रहेगी।
Â
हाà¤, à¤à¤• विचार आज à¤à¥€ मेरे मन में आता है कि देश और मानवता के लिठजो कà¥à¤› करने की हसरतें मेरे दिल में थीं, उनका हजारवाठà¤à¤¾à¤— à¤à¥€ पूरा नहीं कर सका। अगर सà¥à¤µà¤¤à¤¨à¥à¤¤à¥à¤°, जिंदा रह सकता तब शायद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरा करने का अवसर मिलता और मैं अपनी हसरतें पूरी कर सकता। इसके सिवाय मेरे मन में कà¤à¥€ कोई लालच फाà¤à¤¸à¥€ से बचे रहने का नहीं आया। मà¥à¤à¤¸à¥‡ अधिक à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ कौन होगा? आजकल मà¥à¤à¥‡ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पर बहà¥à¤¤ गरà¥à¤µ है। अब तो बड़ी बेताबी से अंतिम परीकà¥à¤·à¤¾ का इनà¥à¤¤à¤œà¤¾à¤° है। कामना है कि यह और नजदीक हो जाà¤à¥¤
Â
आपका साथी
Â
 à¤à¤—तसिंह Everyone The Top Followers
